ग्रामीण भारत के साथ मिलकर समतामूलक भविष्य का निर्माण
उबंटु फाउंडेशन डिजिटल साक्षरता, महिलाओं की आजीविका, टिकाऊ खेती और युवा नेतृत्व के माध्यम से वंचित समुदायों को सशक्त बनाता है — पाँच राज्यों में।

एक गाँव के उद्यम से पाँच राज्यों तक — ऐसा भविष्य गढ़ते हुए जहाँ समुदाय नेतृत्व करें।
समुदाय की क्षमता निर्माण के छह रास्ते
एकीकृत और सहभागी कार्यक्रम, जिनमें नेतृत्व समुदाय के हाथ में होता है।
डिजिटल साक्षरता एवं वित्तीय समावेशन
ग्रामीण परिवारों तक बैंकिंग पहुँच और डिजिटल कौशल का विस्तार।
और पढ़ें →लैंगिक समावेशन एवं कौशल विकास
व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण।
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एक गाँव के उद्यम से पाँच राज्यों तक
अक्टूबर 2018 में धारा 8 के तहत ग़ैर-लाभकारी संस्था के रूप में पंजीकृत, उबंटु वर्षों के ज़मीनी काम से निकला — जिसकी शुरुआत गोवा के एक गाँव में जैव-अपघटनीय सैनिटरी पैड बनाने वाले महिला उद्यम से हुई।
आज हम सामाजिक उद्यमिता को समुदाय की क्षमता-निर्माण के साथ जोड़ते हैं, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है — और जिसकी जड़ें अफ़्रीकी दर्शन उबंटु में हैं: मैं हूँ क्योंकि हम हैं।
हमारी यात्रा पढ़ें →जयश्री की उद्यमी बनने की यात्रा
गाँव के स्वयं सहायता समूह से अपना उद्यम चलाने तक — सुनिए ख़ुद जयश्री से।
▶“मैं फाउंडेशन का हृदय से आभारी हूँ कि उन्होंने हमारे क्षेत्र में साइबर-सुरक्षा और डिजिटल-जागरूकता सत्र आयोजित किए।”— रोहित शर्मा, कार्यक्रम प्रतिभागी
उन संस्थाओं के साथ, जो हमारे मिशन में भागीदार हैं












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